बीते दिन भारी बारिश एवं बर्फबारी के चलते जिले में अस्त व्यस्त हुआ जनजीवन दो दिनों से मौसम खुलने पर पटरी पर लौटने लगा है। हालांकि बर्फ की आगोश में कैद करीब दो दर्जन गांवों में यातायात, विद्युत, पेयजल आदि व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग बर्फबारी से ध्वस्त हुई व्यवस्थाओं का चाक चौबंद करने में जुटे हैं।
बता दें कि जिले में विगत बुधवार देर रात से लेकर शुक्रवार तक हुई भारी बारिश व बर्फबारी से जनपद के करीब चार दर्जन से अधिक गांवों में बुनियादी व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई थीं। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अभी जसपुर-पुराली, पयारा-झाला, हर्षिल-मुखबा, कमद-अयारखाल, कुवां-कफनौल व कुनसाला-कुपड़ा मोटर मार्ग पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। गंगोत्री हाईवे भैरोंघाटी से गंगोत्री तक बर्फ से पटा हुआ है।
भटवाड़ी प्रखंड के नाल्ड, नौगांव, सुक्की, पुजेली, जसपुर, झाला, हर्षिल व गंगोत्री धाम, पुरोला ब्लॉक के गौल, पौंटी, छानिका, किमडार व कफनौल तथा मोरी ब्लॉक के लिवाड़ी, फिताड़ी, राला, कासला, रेक्चा व तुनाल्का आदि गांवों में अभी तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है, जबकि जिले के कफनौल, लोदन, जानकीचट्टी, बनास, निषणी, कुपड़ा, नारायणपुरी, कुठारगांव सहित एक दर्जन गांवों में दो दिन बाद भी पेयजल आपूर्ति बाधित रही। अधिकारियों के अनुसार सोमवार तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में यातायात, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।