जून 2013 की आपदा के बाद तीन माह से भी ज्यादा समय तक गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध रहने के कारण हुई फजीहत और हाईवे का जिम्मा किसी और को सौंपने की सुगबुगाहट के बीच अब बीआरओ के प्रयास रंग लाने लगे हैं। डेंजर जोन वाले हिस्सों को दुरुस्त करने के साथ ही बीआरओ के अधिकारी अब मानसून सीजन में भी हाईवे ज्यादा समय के लिए अवरुद्ध नहीं होने देने का दावा कर रहे हैं।
इस साल बीआरओ ने अधिकांश हिस्सों में डामरीकरण तथा डेंजर जोन वाले हिस्सों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण कर लिया है। आजकल गंगोत्री की ओर जा रहे स्थानीय लोग और पर्यटक हाईवे की दशा से काफी खुश हैं।
नेताला में दलदल वाले हिस्से में हाईवे के किनारे दीवार खड़ी कर मलबे को सड़क पर आने से रोकने के इंतजाम किए गए हैं। भैरोंघाटी से गंगोत्री के बीच सर्दियों में भी काम कराकर चौड़ीकरण पूरा कर लिया गया है। अब यहां सिर्फ डामरीकरण कराना शेष है।
यात्रा से पहले चालू हो जाएगा बाईपास
बीते दस सालों से अधर में लटका बड़ेथी-तेखला बाईपास भी शीघ्र चालू होने को है। बीआरओ ने बड़ेथी, इंद्रावती और तेखला में पुल तैयार कर यात्रा शुरू होने से पहले इसे बाईपास पर ट्रैफिक चालू करने की तैयारी कर ली है।
ऋषिकेश से लेकर गंगोत्री तक हाईवे को दुरुस्त करा लिया गया है। नालूपाणी वाले हिस्से में बरसात में मलबा सड़क पर न आए इसके इंतजाम किए जा रहे हैं। भैरोंघाटी से गंगोत्री की बीच जल्द ही डामरीकरण करा लिया जाएगा। बड़ेथी-तेखला बाईपास सड़क पर यात्रा से पहले यातायात चालू कर दिया जाएगा। मानसून सीजन में भी हाईवे अवरुद्ध नहीं रहे इसके इंतजाम कर लिए गए हैं।
एससी लूनिया, कमांडर, बीआरओ टास्क फोर्स।