इस बार के विधानसभा चुनाव में भी हर बार की तरह बस अड्डा मुख्य मुद्दा रहेगा। जनपद मुख्यालय में बस अड्डा व पार्किंग एक प्रमुख समस्या है। इसलिए चुनाव में हर बार यह मुद्दा प्रमुखता से उठता तो है, लेकिन निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है।
गंगोत्री व यमुनोत्री के प्रमुख पड़ाव उत्तरकाशी शहर में पार्किंग का अभाव एक मुख्य समस्या है, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ ही तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को भी जूझना पड़ता है। निकाय चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव बस अड्डा व पार्किंग यहां सभी राजनीतिक दलों का मुख्य मुद्दा रहता है, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही यह मुद्दा भी गायब हो जाता है। यही कारण है कि राज्य गठन के बाद आजतक न तो पार्किंग की समस्या समाप्त हुई और न ही बस अड्डे का निर्माण हुआ। विधानसभा चुनाव नजदीक आते हैं, एक बार फिर यह मुद्दा सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की जुबान पर है।
- मैने अपने कार्यकाल के दौरान बहुमंजिला बस अड्डा स्वीकृत कराया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे निरस्त कर दिया था। बड़े दुर्भाग्य की बात है कि डबल इंजन की सरकार सीएम की घोषणा के बाद भी बस अड्डा नहीं बना पाई है। यहां पार्किंग की सुविधा भी नहीं है। बस अड्डा व पार्किंग मेरी प्राथमिकता में है। -विजय पाल सजवाण, पूर्व विधायक।
- बस अड्डा निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा भी की है। निवर्तमान विधायक स्व. गोपाल रावत इसके लिए हमेशा प्रयासरत रहे। निवर्तमान विधायक हमारे बीच होते तो अब तक बस अड्डे का निर्माण कार्य आधा हो जाता। -शांति गोपाल रावत, निवर्तमान विधायक की पत्नी व भाजपा नेता।
- उत्तरकाशी तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन भाजपा-कांग्रेस अभी तक यहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं कर पाई। इसे सिर्फ चुनावी मुद्दा बना कर जनता के साथ छलावा करती रही है। हम पार्किंग को लेकर एक्सपर्ट पैनल के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग कर चुके हैं। जल्द ही इसे हम जनता के बीच ले जाएंगे। -कर्नल (सेनि.) अजय कोठियाल, आप नेता।