सीमांत जनपद उत्तरकाशी में बायोमीट्रिक प्रणाली से राशन वितरण संभव नहीं है। जनपद के 60 फीसदी हिस्से में नेटवर्क की समस्या है। पूर्ति विभाग का कहना है कि अभी मात्र आठ फीसदी राशनकार्ड धारक ही इस व्यवस्था का लाभ ले पा रहे हैं। ऐसे में 31 मई तक जनपद में यह प्रणाली लागू करना संभव नहीं है।
शासन के निर्देशानुसार 31 मई तक सभी खाद्य योजनाओं के राशनकार्ड ऑन लाइन होने के साथ ही राशन वितरण के लिए बायोमीट्रिक प्रणाली लागू होनी है, लेकिन सीमांत जनपद में यह फिलहाल संभव नहीं है। जनपद के शहरी हिस्सों को छोड़ दिया जाए, तो अधिकांश हिस्से आज भी नेटवर्क समस्या से जूझ रहे हैं। जनपद के 60 फीसदी हिस्से में संचार व नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। जबकि बायोमीट्रिक प्रणाली के लिए इंटरनेट होना आवश्यक है। पूर्ति विभाग के अनुसार जनपद में राष्ट्रीय खाद्य योजना के 48510 कार्ड धारक हैं, जिसमें से मात्र 12814 कार्ड धारकों को ही ऑन लाइन राशन वितरण हो पा रहा है। वहीं मात्र 4006 राशन कार्ड ही बायोमीट्रिक हो पाए हैं, जो कुल राशन कार्डों के मात्र 8 फीसदी है। ऐसे में 31 मई तक बायोमीट्रिक प्रणाली लागू करना संभव नहीं है। संवाद
जनपद में अभी तक राष्ट्रीय खाद्य योजना के मात्र 8 फीसदी कार्ड धारकों को ही बायोमीट्रिक प्रणाली से राशन वितरित हो रही है। जनपद के अधिकांश क्षेत्र में नेटवर्क नहीं है, जिससे समस्या आ रही हैं। -संतोष भट्ट, डीएसओ, उत्तरकाशी।