गंगोत्री धाम के कपाट 31 अक्तूबर और यमुनोत्री के कपाट एक नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। दोनों मंदिर समितियों के तीर्थ पुरोहितों ने कपाट बंद करने का समय निकाला है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के सह सचिव मनमोहन उनियाल ने बताया कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस बार भी भैय्या दूज के पावन पर्व पर यमुनोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। भैया दूज पर एक नवंबर को अपराह्न 2.45 बजे मंदिर के कपाट बंद कर यमुना जी की उत्सव मूर्ति को डोली यात्रा के साथ शीतकालीन पड़ाव खरसाली गांव लाया जाएगा।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश सेमवाल ने बताया कि दीपावली के अगले दिन 31 अक्तूबर को दोपहर 12.30 बजे अन्नकूट के पावन पर्व पर गंगोत्री मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। इसी दिन गंगा जी की भोग मूर्ति की डोली को यात्रा के साथ शीतकालीन पड़ाव मुखबा गांव ले जाया जाएगा। शीतकाल में मां यमुना के दर्शन खरसाली गांव और मां गंगा के दर्शन मुखवा गांव में होंगे।