नेहरू पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान (निम) उत्तरकाशी और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (जिम) पहलगाम जम्मू कश्मीर के संयुक्त अभियान दल ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया है। दोनों संस्थानों के संयुक्त अभियान दल ने एक जून को एवरेस्ट पर सफल आरोहण किया।
पहली बार निम और जिम का संयुक्त अभियान दल जिम के प्रधानाचार्य कर्नल आईएस थापा के नेतृत्व में बीते एक अप्रैल को दिल्ली से फ्लैग ऑफ के बाद एवरेस्ट (8848 मी.) फतह के लिए निकला था। दल में बतौर डिप्टी लीडर निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट के साथ निम के प्रशिक्षक दीप बहादुर शाही व हवलदार अनिल चौधरी तथा जिम के प्रशिक्षक हवलदार इकबाल खान, चंदन नेगी एवं महफूज इलाही शामिल हैं।
दल लुकला एयरपोर्ट नेपाल से ट्रेकिंग कर नामचे बाजार होते हुए नौ अप्रैल को डिंग्बोचे पहुंचा। 12 अप्रैल को एवरेस्ट के बेस कैंप पहुंचा, जिसके बाद खुंबू ग्लेशियर क्षेत्र में वहां के वातावरण के अनुसार खुद को ढालने के लिए अभ्यास शुरू किया। दल ने 20 मई को एवरेस्ट शिखर पर आरोहण करने का प्लान बनाया था, लेकिन मौसम की बेरुखी की चलते नहीं हो पाया। मौसम अनुकूल होते ही एक जून को सुबह करीब साढ़े छह बजे दल ने एवरेस्ट फतह करने में सफलता हासिल की।
अभियान में ताऊते ने डाला खलल
अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान ताऊते के कारण बदले मौसम का असर नेपाल में भी देखने को मिला। एवरेस्ट क्षेत्र में तेज गति की हवाओं के कारण बेस कैंप में बनाए गए पर्वतारोहियों के तंबू तहस-नहस हो गए। तूफान के साथ पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने से समस्त उत्तर भारत व नेपाल में इसका असर रहा। बताया जा रहा है कि एवरेस्ट आरोहण में 11 दिन की देरी भी इसी कारण हुई।
निम के प्रधानाचार्य भी रहे हैं कर्नल थापा
जिम और निम के संयुक्त अभियान दल का नेतृत्व करने वाले वर्तमान में जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ मांउेनियरिंग (जिम) के प्रधानाचार्य कर्नल आईएस थापा निम के प्रधानाचार्य भी रह चुके हैं। उन्होंने कर्नल अजय कोठियाल से पूर्व निम की कमान संभाली थी।
इन्होंने किया आरोहण
निम प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट, निम के ही हवलदार अनिल चौधरी व दीप बहादुर शाही एवं जिम के हवलदार इकबाल खान, हवलदार चंदन नेगी, महफूज इलाही।