छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को काटने पड़ रहे हैं तहसील के चक्कर
उत्तरकाशी। धनारी क्षेत्र के भटवाड़ी गांव में बनी पटवारी चौकी वर्षों से वीरान पड़ी है। राजस्व उपनिरीक्षक नहीं बैठने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। छोटे-छोटे कार्यों के लिए उन्हें तहसील मुख्यालय के लिए करीब 15 से 20 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
भटवाड़ी गांव के सुंदर सिंह पयाल, मुकेश चौहान का कहना है कि धनारी क्षेत्र के करीब 10 गांवों के लिए भटवाड़ी गांव में लाखों की लागत से पटवारी चौकी बनाई गई थी, लेकिन आज तक राजस्व उपनिरीक्षक नहीं बैठे हैं। इससे यह वीरान पड़ी हुई है, तो वहीं इसका सरकारी उपयोग न होने के कारण यह ग्रामीणों के लकड़ी और घास रखने के काम आ रही है।
सुंदर पयाल का कहना है कि पहले हम मानते थे कि पटवारियों की कमी है, लेकिन अब नई भर्तियों में प्रशासन के पास अच्छी संख्या में राजस्व उपनिरीक्षक हैं, लेकिन उसके बावजूद यहां पर पटवारी नहीं आते हैं। इसलिए आवश्यक दस्तावेजों के लिए ग्रामीणों को करीब 15 से 20 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
वहां पर भी पटवारी मिल जाएं, इसका कुछ पता नहीं रहता है। वहीं बरसात और आपातकालीन स्थिति में यह समस्या खड़ी हो जाती है कि कैसे पटवारी से संपर्क किया जाए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तहसील के अधिकारियों को निर्देशित कर पटवारियों को क्षेत्र में बैठने के निर्देश दिए जाएं।