दयारा बुग्याल ट्रैक पर लापता युवती की घटना ने खड़े किए कई सवाल
पर्यटन विभाग के अनुसार पोर्टल पर ट्रैकिंग एजेंसी की ओर से दी गई है ट्रैकर्स की गलत सूचना
उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रैक पर लापता युवती की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार पोर्टल पर ट्रैकिंग एजेंसी की ओर से ट्रैकर्स की जो सूचना दी गई है वह गलत है। इससे अभी तक लापता युवती का सही नाम और पते की जानकारी भी नहीं मिल पाई है। एजेंसी की ओर से गाइड की भी गलत सूचना दर्ज की गई। जिला पर्यटन अधिकारी के अनुसार जिस गाइड की जानकारी दी गई है वह वर्तमान में देहरादून में मौजूद है।
दूसरी ओर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ट्रैकर्स का जानकारी के साथ ऑनलाइन पंजीकरण होता है। वह रैथल बार्सू में आकर वन विभाग को अनुमति दिखाते हैं। विभाग शुल्क लेकर उनको भेज देता है। इससे यही सवाल उठता है कि क्या पर्यटन विभाग में ऑनलाइन पंजीकरण से लेकर वन विभाग की ओर से इनको ट्रैक पर भेजने के दौरान किसी प्रकार की जांच नहीं की जाती है।
इसके लिए किसी प्रकार का मॉनिटरिंग सिस्टम प्रशासन की ओर से तैयार नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति क्षेत्र के बुग्यालों और जंगलोंं में घूम कर आ सकता है। साथ ही ट्रैकिंग एजेंसी की ओर से भी प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है। अब प्रशासनिक अमले के लिए लापता युवती को ढूंढने के साथ ही उसका सही पता और नाम की जानकारी एकत्रित करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
साथ ही युवती के साथ गए युवकों ने भी अपने पते कोलटा, गेंवला उत्तरकाशी, श्रीनगर और उत्तर प्रदेश दर्ज करवाया है। गढ़वाल माउंटनियरिंग एवं ट्रैकिंग एसोसिएशन के महासचिव मनोज रावत का कहना है कि यह सिस्टम की बडी लापरवाही को उजागर करता है। किसी भी स्तर पर ट्रैकिंग एजेंसी के दिए गए दस्तावेजों को क्रॉस चेक करने की व्यवस्था नहीं है।
जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी ने कहा कि उसमें गाइड से लेकर सभी ट्रैकर्स की जानकारियां गलत दी गई है। इस संबंध में जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रैकिंग एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।