गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है सबसे ज्यादा दिक्कत
उत्तरकाशी। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और मरीजों के लिए लगी लिफ्ट वर्षों से शुरू नहीं हो पाई है। वहीं अब जब अस्पताल प्रबंधन इसे शुरू नहीं करवा पाया, तो इसके प्रवेश पर एक केबिन बनाकर उसे स्टोर रूम बना दिया गया है। इससे महिलाओं को तीन मंजिला भवन में सीढि़यों से ही जाना पड़ता है।
जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और मरीजों की सहूलियत के लिए लाखों की लागत से लिफ्ट लगाई गई थी, लेकिन इसके लगने के बाद इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। कई बार गर्भवती महिलाओं और मरीजों के साथ आए तीमारदार इसे शुरू करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन इसे शुरू करने की बजाय इसके प्रवेश को ही पूरी तरह बंद कर दिया है।
अस्पताल प्रबंधन ने वहां पर एक केबिन बनाकर स्टोर रूम बना दिया है। गर्भवती महिलाओं को तीन मंजिला भवन में सीढि़यों से ही आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ता है। वहीं सवाल यह उठता है कि स्वास्थ्य के नाम पर जनपद में करोड़ों के बजट खर्च होने वाले के बावजूद इसको आजतक ठीक नहीं करवाया गया। इसे लगे हुए करीब आठ वर्ष का समय हो चुका है। वहीं इस अव्यवस्थाओं के बावजूद अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। सीएमएस डॉ. पीएस पोखरियाल का कहना है कि लिफ्ट जब से लगी है तब से ही बंद है। इसमें तकनीकी खराबी के कारण यह शुरू नहीं हो पाया है।