पालिका की ओर से करोड़ों का बजट खर्च करने के बाद भी रामलीला मैदान की हालत में सुधार नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने हाल ही में मैदान में करीब 33 लाख रुपये बजट से घटिया गुणवत्ता के कार्य कराने का आरोप लगाते हुए डीएम से जांच की मांग की है। डीएम ने मामले में पालिका के अधिशासी अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है।
बता दें कि नगर के मध्य स्थित रामलीला मैदान वर्षों से खेलकूद के साथ ही राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। अतिक्रमण की चपेट में आकर अपना स्वरूप खो चुुके मैदान को दुरुस्त करने के नाम पर बीते दस सालों में दो करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया जा चुका है।
इसके बावजूद मैदान की हालत बद से बदतर होती जा रही है। अभी हाल ही में पालिका ने मैदान के किनारे नाली निर्माण पर 32.95 लाख रुपये खर्च किए। छात्र संगठन ऊं ग्रुप के अमरीकन पुरी, पृथ्वीपाल मटूड़ा आदि ने रामलीला मैदान में कराए गए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने डीएम को पत्र लिखकर कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पालिका के अधिशासी अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।