फिताड़ी स्थिति आयुर्वेदिक उपकेंद्र में अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए 25 लाख के बजट पर उठे सवाल
पुरोला। सीमांत क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच जिला योजना की धनराशि के आवंटन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मोरी क्षेत्र के 63 गांवों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी में पर्याप्त जांच सुविधाएं नहीं होने से मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में फिताड़ी स्थित आयुर्वेदिक उपकेंद्र में अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राजपाल रावत ने आवंटन को जनहित की अनदेखी बताते हुए कहा कि जहां स्वास्थ्य विभाग का अपना भवन, एलोपैथिक अस्पताल और विशेषज्ञ चिकित्सक तक उपलब्ध नहीं हैं वहां अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए इतनी बड़ी धनराशि आवंटित करना सरकारी धन के दुरुपयोग जैसा है।
उन्होंने कहा कि मोरी सीएचसी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं और अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू होने से हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। राजपाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार भी फिताड़ी के आयुर्वेदिक उपकेंद्र में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करना संभव नहीं है। इससे योजना तैयार करने से पहले स्थलीय सत्यापन और स्थानीय जरूरतों के आकलन पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने शासन और जिला प्रशासन से फिताड़ी के लिए स्वीकृत 25 लाख के बजट की तत्काल समीक्षा कर इसे मोरी सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए स्थानांतरित करने की मांग की।