बारिश से गदेरे के उफान पर आने से टूट गई थी 300 मीटर नहर
बीआरओ ने की थी नहर की मरम्मत, गदेरा उफान पर आने से बह गई थी नहर
कंडीसौड़(टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के ग्राम पंचायत खांड-बिड़कोट में 1.28 करोड़ की नहर ढाई माह से सूखी पड़ी है। बारिश में गदेरे के उफान पर आने से नहर हेड से 300 मीटर आगे तक क्षतिग्रस्त हो गई थी। काश्तकार तब से ही नहर की मरम्मत करने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक विभाग चुप्पी साधे हुए है जिससे काश्तकार गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।
खांड-बिड़कोट की नहर ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। चंबा-धरासू हाईवे के निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई नहर करीब 15 साल तक पूरी तरह से बंद रही। काश्तकारों की ओर से लगातार मांग उठाने पर बीआरओ ने नहर के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये स्वीकृत कर सिंचाई विभाग को दिए।
तब विभाग ने ढिक्यारा गदेरे से करीब एक किमी दूर तक लोहे के आठ इंच मोटे पाइपों से 2022 में खेतों तक पानी पहुंचाया था लेकिन अगस्त में हुई तेज बारिश से ढिक्यारा गदेरा उफान पर आने के कारण हेड से नहर के 300 मीटर पाइप टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए। तब से पूरी नहर सूखी पड़ी है।
प्रधान सुमन सिंह गुसाईं, बलदेव सिंह कुमाईं, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नारायण सिंह चौहान और पूर्व प्रधान रूपराम ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद तीन साल पहले नहर बनी थी लेकिन ढाई माह पहले बारिश से ढिक्यारा गदेरा उफान पर आने से 300 मीटर नहर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई जिससे नहर सूखी पड़ी है। उन्हाेंने कहा कि खेतों में नमी नहीं होने के कारण गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। नहर क्षतिग्रस्त होते ही विभाग को सूचित कर दिया था। गेहूं की बुवाई का समय बीत रहा है लेकिन विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग जल्द व्यवस्था नहीं करता है, तो सैकड़ों नाली जमीन बंजर रह जाएगी।
आपदा से जो भी नहर क्षतिग्रस्त हुई है। उसका इस्टीमेट बनाकर डीएम के माध्यम से शासन को भेजा गया है। धनराशि मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। उससे पहले अस्थायी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- अनूप कुमार, ईई सिंचाई विभाग नई टिहरी।