यमुनोत्री धाम में दूरसंचार सेवाएं मुहैया कराने के बीएसएनएल के प्रयासों को ग्रहण लग गया है। वन विभाग ने बिना वन भूमि हस्तांतरण के टावर लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। तीर्थ पुरोहितों की मांग पर बीएसएनएल ने इस बार धाम में अपनी सेवाएं शुरू कराने की कवायद शुरू की।
दो दिन पहले बीएसएनएल के अधिकारी सेटेलाइट टावर एवं अन्य उपकरण लेकर यमुनोत्री धाम पहुंचे। वन भूमि पर टावर लगाने की अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने विधायक निधि से बने एक गेस्ट हाउस पर टावर स्थापित कर दूरसंचार सेवाएं शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन सिग्नल नहीं मिलने के कारण सेवा शुरू नहीं हो पाई।
अपर यमुना वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी कर वन भूमि हस्तांतरण के बाद ही वन भूमि पर किसी तरह के निर्माण की अनुमति दी जा सकती है। एसडीएम बड़कोट राजकुमार पांडेय ने कहा कि यमुनोत्री धाम में दूरसंचार सेवा मुहैया कराना जरूरी है। शनिवार को वन विभाग और बीएसएनएल के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
यमुनोत्री में टावर लगाने के लिए उचित स्थान नहीं मिलने से दिक्कत आ रही है। विधायक निधि से बना गेस्ट हाउस गहरे में होने के कारण सिग्नल नहीं मिल रहा है। वन भूमि हस्तांतरण की पत्रावली वन विभाग को भेजी गई है। उच्चाधिकारियों से बात करके अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद कुमार, एसडीई, बीएसएनएल।