तेखला गदेरे में पुन: कचरा डंपिंग जोन बनाए जाने की सुगबुगाहट के साथ ही क्षेत्र में इसका विरोध शुरू हो गया है। तेखला क्षेत्र की जनता ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर तेखला गदेरे में कचरा उड़ेलने का विरोध किया है। उन्होंने यहां कूड़ा डंपिंग जोन बनाए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर पालिका बीते दो दशकों से तेखला गदेरे को कचरा डंपिंग जोन के तौर पर इस्तेमाल कर रही थी। क्षेत्र की जनता के विरोध के चलते बीते मई से यहां कचरा डालना बंद कर दिया गया।
इसके बाद से पालिका कचरा निस्तारण के लिए जगह नहीं तलाश पाई है। शहरी विकास मंत्रालय से कचरा निस्तारण के लिए 50 लाख का बजट स्वीकृत होने पर प्रशासन तेखला गदेरे में ही व्यवस्थित ढंग से कचरा निस्तारण के इंतजाम करने की तैयारी में जुटा है। इसकी भनक लगते ही तेखला क्षेत्र की जनता फिर भड़क गई।
सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे तेखला क्षेत्र के लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि दो दशकों तक तेखला में कचरा उड़ेलने से क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
साथ ही यहां से कचरा गदेरे के पानी के साथ बहकर गंगा को प्रदूषित करता है। ज्ञापन सौंपने वालों में सुभाष भट्ट, दलवीर चौहान, विवेक पच्छिमी, कविता, राजेंद्र चौहान, प्रभात आदि शामिल थे।
कोट.........
तेखला में वैज्ञानिक ढंग से कचरा निस्तारण के इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए शहरी विकास मंत्रालय से पचास लाख का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें ध्यान रखा जाएगा कि कचरे की वजह से स्थानीय लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो और कचरा बहकर गंगा में न जाए।
विनय शंकर पांडेय, डीएम उत्तरकाशी।