गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण ने राज्यपाल से मिलकर वरुणावत के तांबाखानी वाले छोर पर सक्रिय भूस्खलन को उपचारित करने के लिए बजट आवंटित करने की मांग की है। बता दें कि वर्ष 2003 में हुए वरुणावत भूस्खलन ने जिला मुख्यालय पर भारी तबाही मचाई थी।
वरुणावत त्रासदी से निपटने के लिए केंद्र सरकार से मिले ढाई सौ करोड़ के बजट से पहाड़ी का उपचार करने के साथ ही क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण कराया गया। तांबाखानी वाले छोर से सक्रिय भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए यहां करीब बीस करोड़ रुपये खर्च कर सुरंग का निर्माण तो कराया गया, लेकिन बाहरी हिस्से का उपचार नहीं कराया गया।
यही कारण रहा कि बीते सालों की बरसात में बाहरी हिस्से से हो रहा भूस्खलन ऊपर तक पहुंचकर वरुणावत शीर्ष पर कराए गए करोड़ों के ट्रीटमेंट कार्य के लिए ही खतरा बन गया है। मंगलवार को राज्यपाल से मिलकर विधायक सजवाण ने बताया कि तांबाखानी भूस्खलन बरसात में फिर सक्रिय होने का खतरा है।
इसके कारण यदि शीर्ष पर कराया गया ट्रीटमेंट फेल हुआ, तो फिर से नीचे जिला मुख्यालय, इंदिरा कालोनी और मस्जिद मोहल्ला वाले क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा। भू-वैज्ञानिक एवं टीएचडीसी के विषय विशेषज्ञ इस संबंध में आगाह कर चुके हैं। उन्होंने राज्यपाल से इसके लिए बजट आवंटित करने की मांग की है।