विश्वनाथ संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रविवार को गंगा विश्व धरोहर घोषित हो विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें छात्रों एवं शिक्षकों ने साफ-सफाई कर गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के लिए सुझाव दिए।
गंगा विश्व धरोहर घोषित हो विषय पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि हरि सिंह राणा रहे। विशिष्ट अतिथि सुभाष चंद्र नौटियाल ने कहा कि हिंदू धर्म में गंगाजल को अमृत की उपाधि दी गई है। संयोजक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने कहा कि भारतीय धर्मग्रंथों में ही नहीं, बल्कि गंगा का सम्मान सभी धर्मों और पंथों द्वारा किया जाता है। प्राचार्य रामानंद बलूनी ने कहा कि पुण्य सलिला मां गंगा त्रिविध पापनाशिनी व मोक्षदायिनी है। संगोष्ठी में महेश प्रथम, हैप्पी नौटियाल द्वितीय व प्रवेश भट्ट तृतीय रहे। इस अवसर पर शिक्षक भगवती प्रसाद उनियाल, अनिल बहुगुणा, योगाचार्य नरेश भट्ट, डॉ. द्वारिका नौटियाल, सुरेश रतूड़ी आदि मौजूद रहे।