कुछ इस तरह बर्फ से लकदक उत्तरकाशी का सांकरी बाजार।
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जिले के ऊंचाई वाले हिस्सों में हो रही भारी बर्फबारी से जिले के माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य प्रभावित होने लगा है। भारी बर्फबारी के चलते उपला टकनौर, गीठ पट्टी, सरबडियार, हरकीदून वैली आदि क्षेत्र बर्फ की आगोश में हैं, जिससे इन क्षेत्रों के विद्यालयों को संचालित करना मुश्किल हो गया है।
रविवार देर रात से जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। जिले में समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। इससे आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही स्कूलों में पठन-पाठन ठप पड़ गया है। सोमवार को जिले के राइंका जखोल, सांकरी, दोणी, हर्षिल, सरनौल, श्रीकालखाल आदि एक दर्जन से अधिक माध्यमिक विद्यालयों में बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के चलते बच्चे नहीं पहुंचे। जिले में सर्दियों में ठंड की समस्या को देखते हुए 11 माध्यमिक विद्यालयों में हर साल 25 दिसंबर से 31 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहता है। साथ ही जिले के सभी 127 माध्यमिक विद्यालयों में 1 से 13 जनवरी तक सर्दियों की छुट्टियां रहती हैं। इस बार लॉकडाउन में स्कूल बंद रहने से हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने शीतकालीन अवकाश रद्द कर दिए हैं, लेकिन बर्फबारी से उपजे हालात से सर्दियों में भी स्कूल खुले रखने के सरकार के निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं।
सर्दियों का अवकाश रद्द किए जाने के कारण जिले में सभी माध्यमिक विद्यालयों में 10वीं एवं 12वीं की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बर्फबारी से उपजी समस्याओं को देखते हुए संबंधित प्रधानाचार्यों को विवेक के आधार पर बच्चों की छुट्टी करने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण के मामले वाले विद्यालयों को भी ऐहतियातन बंद किया जा रहा है।
विनोद सेमल्टी, मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी।