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Uttarkashi News: डेढ़ दशक बाद भी नहीं हटाई गई स्टील पुल की सामग्री

Tue, 23 Jun 2026 05:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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लोहे के कारण बरसात में नदी का बहाव हो जाता है प्रभावित
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पुरोला। खलाड़ी गांव की छानियों के समीप कमल नदी पर आपदा में क्षतिग्रस्त हुआ पैदल स्टील पुल की सामग्री के अवशेष को डेढ़ दशक बाद भी नहीं हटाया जा सका है। नदी के बीच पड़े पुल के लोहे के कारण हर बरसात में नदी का बहाव प्रभावित हो रहा है जिससे दोनों ओर की कृषि भूमि का लगातार कटाव हो रहा है। इसको लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2010-11 की आपदा में खलाड़ी छानी और चक चंदेली के बीच कमल नदी पर बना पैदल स्टील पुल क्षतिग्रस्त होकर नदी में गिर गया था। इसके बाद से लोनिवि की ओर से पुल के अवशेष नहीं हटाए गए। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुल के लोहे से पानी का बहाव अवरुद्ध होता है और नदी का रुख खेतों की ओर मुड़ जाता है जिससे खलाड़ी, पुजेली, चपटाड़ी, सरमाली और आराकोट क्षेत्र की कृषि भूमि का लगातार कटाव हो रहा है।
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काश्तकारों का कहना है कि पिछले डेढ़ दशक में सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि नदी में समा चुकी है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है। काश्तकार बलदेव रावत, हकुमत रावत और फकीरचंद रावत, रविन्द्र सजवाण, पवन सजवाण ने बताया कि भूमि कटाव और फसलों को हो रहे नुकसान के संबंध में कई बार विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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विभाग के एई शुभम सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल के लोहे को हटाने के लिए पूर्व में निविदाएं आमंत्रित की गई थी लेकिन बोलियां अपेक्षित मूल्य से काफी कम थीं। उन्होंने बताया कि लोहे का अनुमानित मूल्य लगभग छह लाख रुपये है। अब शीघ्र ही दोबारा निविदाएं जारी की जाएगी जिसके बाद पुल के अवशेष हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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