पुरोला। चिह्नित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति मोरी ने राज्य आंदोलनकारियों की चार सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित किया। साथ ही मांगों का निस्तारण जल्द नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
समिति के अध्यक्ष विपिन सिंह चौहान, प्रमोद सिंह रावत, प्रताप सिंह चौहान, अनिल कुमार राणा, हरीश रावत ने कहा कि सीएम कार्यालय में आंदोलनकारियों से जुड़ी कई मांगें स्वीकृत हुई है जिसके लिए संगठन सीएम का आभार व्यक्त करता है। कुछ महत्वपूर्ण मांगें अभी भी लंबित है जिन पर जल्द ही निर्णय आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य आंदोलनकारी शब्द को विधानसभा से पारित कर ‘उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी’ के रूप में परिभाषित किया जाए।
सभी चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को 20 हजार प्रतिमाह समान सम्मान पेंशन प्रदान की जाए, आंदोलनकारियों के लिए सरकार के सभी गेस्ट हाउसों व होटलों में निशुल्क या सरकारी दरों पर ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही वंचित वास्तविक आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण के लिए शासन स्तर पर तिथि बढ़ाकर अंतिम बार अवसर दिया जाए जिसके बाद चिह्नीकरण प्रक्रिया स्थायी रूप से समाप्त की जाए। संगठन ने सीएम से मांग की है कि उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती पर इन मांगों को स्वीकृति प्रदान कर शहीदों के सपनों को साकार करने की दिशा में कदम उठाए। संवाद