पुरोला। रवाईं घाटी के भेड़-बकरी पालक लगातार दो वर्षों से चरान परमिट नहीं मिलने से परेशान हैं। शीतकालीन अवधि में क्षेत्र के पशुपालक हर वर्ष वन प्रभाग मसूरी और वन प्रभाग कालसी के विभिन्न वन क्षेत्रों में अपने पशुओं को चराने के लिए जाते हैं लेकिन पिछले दो सालों से वन विभाग की ओर से परमिट जारी नहीं किए जा रहे हैं। इससे भेड़-बकरी पालकों को भारी परेशानी हो रही है।
भेड़-बकरी पालक संघ के अध्यक्ष त्रेपन सिंह रावत ने बताया कि भेड़ पालकों ने कई बार पत्राचार से वन क्षेत्र कार्यालयों को स्थिति से अवगत कराया। फिर भी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। परमिट नहीं मिलने के कारण पशुपालकों पर आजीविका का संकट गहराता जा रहा है और भेड़-बकरियों के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में चारे की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और वन विभाग से जल्द ही हस्तक्षेप करते हुए चरान परमिट जारी करने की मांग की है। संवाद