अगस्त 2012 और जून 2013 की बाढ़ में ध्वस्त हुई नगर की सीवर ट्रीटमेंट योजना का अब नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत पुनर्निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 4.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। मंगलवार को गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण ने पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास कर गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को शीघ्र इसे तैयार करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को केदारघाट के पास आयोजित एक समारोह में विधायक सजवाण ने नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 4.84 करोड़ रुपये लागत से सीवर ट्रीटमेंट योजना के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सीवर ट्रीटमेंट योजना का पुनर्निर्माण जरूरी था। बड़ी मशक्कत के बाद केंद्र सरकार से इसके लिए बजट स्वीकृत कराया गया। उन्होंने कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई को चार माह के भीतर योजना के सिविल कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन को मलिन बस्ती में सीवेज पंपिंग स्टेशन के लिए जगह मुहैया कराने को कहा। इस मौके पर उन्होंने केदारघाट पर शव दाह के लिए लकड़ी की व्यवस्था के लिए विधायक निधि से स्टाल लगवाने की घोषणा की।
डीएम विनय शंकर पांडेय ने कहा कि गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सीवर ट्रीटमेंट योजना के पुनर्निर्माण के साथ जल्द ही नगर के कचरे को वैज्ञानिक ढंग से निस्तारित करने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने सभी लोगों से इसमें सहयोग की अपील की। इस मौके पर कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक सुरेश पाल, सीडीओ जीएस रावत, विजय सेमवाल, अंकित उप्पल, एसपी व्यास आदि मौजूद रहे।