उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार की ओर से संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रामलीला मंच पर संस्कृत नाटक आश्चर्य चूडामणि का मंचन किया गया। नाटक का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा ने किया।
उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के इस प्रयास की सराहना की जानी चाहिए। अकादमी के शोध अधिकारी डा. हरीशचंद्र गुरुरानी ने नाटक के कथानक के बारे में जानकारी दी। अकादमी के सचिव डा. सुरेश चरण बहुगुणा ने बताया कि संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्कृत शिक्षा के पूर्व निदेशक डा. वाचस्पति मैठाणी ने हर जिले में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक संस्कृत विद्यालय खोलने पर जोर दिया।
नाटक मंचन में पंचवटी में शूर्पणखा का मोहिनी रूप में प्रवेश, रावण द्वारा सीता का हरण, राम वियोग, सुग्रीव एवं राम की मित्रता, अशोक वाटिका में हनुमान का उत्पात, लंका दहन आदि दृश्यों का मंचन किया गया। सभी ने निर्देशक डा. एमके सुरेशा बाबू की सराहना की।
इस मौके पर एसपी अनंत शंकर ताकवाले, एडीएम अशोक पांडेय, सीईओ लीलाधर व्यास, उमेश बहुगुणा, डा. देवेंद्र पैन्यूली, जयप्रकाश राणा, द्वारिका नौटियाल, ओम बधानी, सुशील शर्मा, सुधा गुप्ता, मुरारी लाल भट्ट, प्रताप बिष्ट, नागेंद्र थपलियाल, प्रताप पोखरियाल आदि मौजूद रहे।