प्रभावितों के लिए पुनर्वास नीति नहीं बनाए जाने पर फूटा गुस्सा
बोले, अब भी मलबे में दबी भूमि का नहीं मिल पाया है मुआवजा
उत्तरकाशी। आपदा प्रभावित धराली गांव ने शासन-प्रशासन को आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आपदा को बीते छह माह से अधिक का समय हो गया है लेकिन आज तक आपदा प्रभावितों के लिए पुनर्वास नीति नहीं बन पाई है। साथ ही अभी भी मलबे में दबी भूमि का मुआवजा भी नहीं मिल पाया है।
बुधवार को आपदा प्रभावित धराली के ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां पर उन्होंने डीएम को आगामी 26 जनवरी से शुरू किए जाने वाले अनिश्चितकालीन धरने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। धराली के बीडीसी प्रतिनिधि सुशील पंवार, संजय पंवार, भागवत पंवार, दुर्गेश पंवार, भूपेंद्र पंवार, महेश, सचेंद्र, जयवेंद्र, गंभीर पंवार, मनोज नेगी आदि ने कहा कि आपदा को बीते छह माह से अधिक का समय हो चुका है लेकिन वहां पर किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ है।
हालांकि प्रशासन की ओर से वहां पर मलबे को चैनलाइज करने के लिए निविदा आमंत्रित की गई लेकिन उसका तब तक विरोध रहेगा। जब तक धराली गांव के आपदा प्रभावितों को भूमि सहित होटल, होमस्टे का मुआवजा नहीं मिल जाता। आपदा प्रभावितों ने कहा कि वह मलबे में दबे पौराणिक कल्प केदार मंदिर के जीर्णोद्धार सहित पुनर्वास नीति की मांग कर रहे हैं लेकिन आज तक शासन-प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
साथ ही मलबे में दबे होटलों और होमस्टे के नुकसान का आकलन नहीं किया गया। उनकी मांग है कि मलबे में दबे चोपहिया और दोपहिया वाहनों का पूरा मुआवजा दिया जाए। साथ ही किराये पर दुकान चला रहे लोगों को मुआवजा और कृषि ऋण माफ करने की मांग की है। सुनवाई नहीं होने के कारण अब उन्हें अब गणतंत्र दिवस से अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ेगा।