डाकपत्थर पुलिस की ओर से मंगलवार को एक किलो अफीम के साथ डामटा पुलिस चौकी के कांस्टेबल एवं होमगार्ड की गिरफ्तारी से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
इस मामले के बाद अब रेगुलर पुलिस के साथ ही राजस्व पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने गिरफ्तार कांस्टेबिल और होमगार्ड को निलंबित कर पुलिस चौकी में तैनात एसआई एवं कांस्टेबल को लाइन हाजिर तो कर दिया।
वहीं एसपी जेआर जोशी ने बताया कि फिलहाल पुरोला थाने से दो कांस्टेबल पुलिस चौकी डामटा भेजे गए हैं। बृहस्पतिवार को विधिवत तैनाती दी जाएगी।
सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में बीते कई सालों से अफीम तस्करी का धंधा लोकल एजेंटों के माध्यम से चल रहा है और इसमें कहीं न कहीं रेगुलर पुलिस तथा राजस्व पुलिस भी संलिप्त है।
खाटल क्षेत्र में दो तीन सालों से अफीम की खेती हो रही है। तस्करों के स्थानीय एजेंट ग्रामीणों को लालच दे कर अफीम की खेती के लिए प्रोत्साहित करते हैं और उनसे औने पौने दाम पर अफीम की खरीद कर महंगे दामों पर बड़े बाजार में बेचते हैं।
रेगुलर पुलिस के एक कांस्टेबिल और होमगार्ड की गिरफ्तारी से इनकी संलिप्तता तो उजागर हो गई है, लेकिन हर साल अफीम की खेती नष्ट करने के लिए राजस्व पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान अब संदेह के घेरे में हैं। बताया जा रहा है कि डामटा पुलिस कई बार मुखबिरों की सूचना पर राजस्व क्षेत्र में घुस कर अफीम की धरपकड़ करती है, लेकिन चौकी तक पहुंचते ही मामला रफा दफा हो जाता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मामले की गंभीरता से जांच की जाए, तो अफीम तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।