अच्छी पैदावार की जगी उम्मीद
नौगांव (उत्तरकाशी)। यमुनाघाटी की स्योरी फल पट्टी में हुई बारिश से काश्तकारों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से बारिश की कमी और मौसम के अनियमित मिजाज से प्रभावित हो रही बागवानी के लिए बारिश को संजीवनी माना जा रहा है। इससे सेब, नाशपाती, आड़ू, प्लम और अखरोट के बगीचों में नमी लौटने के साथ पौधों को राहत मिलने की उम्मीद है।
स्योरी फल पट्टी में बागवानी ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख साधन है। पिछले कुछ वर्षों से मौसम में लगातार बदलाव और बारिश की कमी का असर फलों के उत्पादन और गुणवत्ता पर पड़ रहा है। काश्तकारों का कहना है कि बीते दो वर्षों में मौसम की मार के चलते उत्पादन में कमी आई है। ऐसे में बारिश ने बागवानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद दी है। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी जिससे फलदार पौधों को फायदा मिलेगा। साथ ही पौधों के थालों की तैयारी और नई पौध लगाने के लिए गड्ढे खोदने जैसे बागवानी कार्यों में भी आसानी होगी।
स्योरी फल पट्टी के काश्तकार विजय बंधानी, प्रेम सिंह राणा और दीवान सिंह असवाल का कहना है कि बारिश की कमी से पिछले दो वर्षों में बागवानी प्रभावित हुई है। अब बारिश होने से पौधों में ताजगी लौटने की उम्मीद है। यदि आगे भी मौसम अनुकूल बना रहा तो इस बार सेब समेत अन्य फलों की अच्छी पैदावार हो सकती है।