पुरोला व यमुनोत्री सीट पर कांग्रेस में भी बगावत शुरू हो गई है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के दावेदारों ने पार्टी हाईकमान के फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसका विरोध किया है। पुरोला में कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार पूर्व विधायक राजेश जुवांठा ने सीएम हरीश रावत व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना दिया है और अपनी मनमर्जी कर रहे हैं।
जुवांठा ने विधानसभा में जाकर लोगों से जनसंपर्क कर आगे की रणनीति तय करने की बात कही है। इसी तरह यमुनोत्री विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने संजय डोभाल को टिकट दिया, जिसका अन्य दावेदारों ने विरोध किया। यमुनोत्री सीट पर कांग्रेस से टिकट की दावेदारी करने वाले प्रकाश चंद रमोला ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
यमुुनोत्री सीट पर कांग्रेस में भीतरघात की संभावना अधिक जताई जा रही है। दरअसल, पहले इस सीट पर पूर्व विधायक केदार सिंह रावत कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन एन वक्त पर उनके भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने संजय डोभाल को प्रत्याशी घोषित किया। जबकि इस सीट पर कांग्रेस से सुखदेव रावत व अतोल रावत भी टिकट की दावेदारी कर रहे थे।
पुरोला सीट पर भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए राजकुमार को टिकट दिए जाने पर कांग्रेसियों में बवाल मच है। कांग्रेस से टिकट की दौड़ में शामिल राजेश जुवांठा, हरिमोहन जुवांठा, दिनेश खत्री, प्यारेलाल हिमानी भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए राजकुमार को टिकट दिए जाने से खासे नाराज हैं।
इन सबके बीच पुरोला विधानसभा में मोरी से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर दुर्गेश लाल भी मैदान में खड़े हैं। ऐसे में पुरोला विधानसभा के चुनावी समीकरण बदल गए हैं और तटस्थ राजनीतिक विश्लेषक फिलहाल भाजपा कांग्रेस व मोरी से निर्दलीय प्रत्याशी के बीच कांटे की टक्कर आंक रहे हैं।