उत्तरकाशी के रनाड़ी झूलापुल के एंकर ब्लॉक की दीवाल कुछ इस तरह हुई क्षतिग्रस्त।
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रनाड़ी, अस्तल, भखड़ा, हिटाणू आदि गांवों को गंगोत्री हाईवे से जोड़ने वाले पैदल झूला पुल पर खतरा मंडरा रहा है। पुल के बाएं छोर के एंकर ब्लाक के नीचे की जमीन खिसकने से इसके ढहने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों ने शीघ्र पुल की मरम्मत और यहां मोटर पुल का निर्माण कराने की मांग की है।
डुंडा ब्लाक के रनाड़ी, अस्तल, डांडा माजफ, हिटाणू, भखड़ा आदि गांवों को डुंडा तहसील मुख्यालय एवं गंगोत्री हाईवे से जोड़ने के लिए वर्ष 1990 में रनाड़ी गांव के पास पैदल झूला पुल का निर्माण किया गया था। अगस्त 2012 और जून 2013 की भीषण बाढ़ में भी पुल सुरक्षित रहा।
अब बीते दिनों से क्षेत्र में हो रही बारिश से पुल के एंकर ब्लाक के निचले हिस्से में भूधंसाव शुरू हो गया है। झूला पुल के बाएं छोर वाले एंकर ब्लाक के नीचे की जमीन खिसकने से ब्लाक की दीवार ढहने लगी है। समय रहते इसकी रोकथाम नहीं हुई, तो एंकर ब्लाक ढहने के साथ झूला पुल ध्वस्त होने का खतरा है।
रनाड़ी गांव निवासी सरोप चंद, दिग्विजय रजवार, कुलवीर, खेमचंद रमोला, अस्तल गांव के सुरेंद्र दत्त बडोनी, महावीर रजवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य सोना देवी, मदन राणा आदि ने प्रशासन से शीघ्र पुल की मरम्मत कराने और यहां मोटर पुल निर्माण की मांग की है।
लोनिवि के ईई अशोक चौहान ने बताया कि झूला पुल का एंकर ब्लाक क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। एई को पुल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही पुल के एंकर ब्लाक की क्षतिग्रस्त दीवार को दुरुस्त कराया जाएगा।