देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। तीर्थ पुरोहित इसकी पुरजोर खिलाफत कर रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के कर्मचारियों को उत्तरकाशी भेजकर गंगोत्री में परिसंपत्तियों का कार्यभार लेने और कार्यालय स्थापित करने की तैयारी कर ली गई है। कर्मचारी कल (आज) गंगोत्री पहुंचेंगे। वहीं तीर्थ पुरोहितों ने इन्हें धाम में नहीं घुसने देने का एलान किया है। प्रशासन ने धाम में शांति व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
चार धाम समेत 51 मंदिरों को देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के अधीन किए जाने के बाद से ही तीर्थ पुरोहित आंदोलित हैं। बीते 82 दिन से गंगोत्री धाम में तीर्थ पुरोहित धरने पर डटे हैं। मंगलवार को बोर्ड के राकेश सेमवाल सहित सात कर्मचारी उत्तरकाशी पहुंचे। कल (आज) वे गंगोत्री पहुंचकर बोर्ड का दफ्तर स्थापित करेंगे।
मंगलवार को धाम में तीर्थ पुरोहितों ने जुलूस प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विवाद की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गंगोत्री धाम में अतिरिक्त पुलिस एवं पीएसी तैनात कर दी है। मुखबा से बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित बुधवार को गंगोत्री धाम पहुंचेंगे।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. सुरेश सेमवाल ने कहा कि कल (आज) तीर्थ पुरोहित धाम के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन करेंगे और बोर्ड के कर्मचारियों को धाम में नहीं घुसने देंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद सरकार ने तीर्थ पुरोहितों से कोई वार्ता नहीं की। उल्टा अब बल का प्रयोग कर जबरन धाम की परिसंपत्तियों को हड़पने का षड़यंत्र किया रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अरुण सेमवाल, प्रेमवल्लभ, राजेश, अंबरीश, सुमेश, राकेश, सतेंद्र सेमवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष इंद्रदेव सेमवाल सहित कई शामिल थे।
देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के कर्मचारी उत्तरकाशी पहुंचे हैं। आज वे बोर्ड का कार्यालय स्थापित करने के लिए गंगोत्री धाम जाएंगे। धाम में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के इंतजाम किए गए हैं।
देवेंद्र नेगी, एसडीएम भटवाड़ी उत्तरकाशी।