कोठाल्डी, बमणती, श्रीकोट, चिलोट, मोरगी, बरेट, कौड़ा, कांडी, कैंथोगी आदि गांवों में जंगली सूअर एवं बंदरों की ओर से फसलें बर्बाद किए जाने से किसानों की आजीविका खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों ने शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बता दें कि जंगलों से लगे गांवों में लंबे समय से जंगली सुअर एवं बंदरों की दहशत बनी हुई है। वन्य जीव खेतों में घुसकर फसल बर्बाद कर रहे हैं। शनिवार को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने तहसील प्रशासन एवं वन विभाग को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया और शीघ्र वन्य जीवों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की।
उन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन पर कामरेड जयेंद्र चौहान, विरेंद्र राणा, रतन सिंह, अरविंद चौहान, प्यार सिंह, बृजलाल, रणबीर, जगमोहन, संजय, राजपाल सिंह, भवान सिंह, मदन, राम लाल आदि के हस्ताक्षर हैं।