मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में पारदर्शिता व समानता की मांग
पुरोला। पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण में रातोंरात फेरबदल को लेकर लोगों ने रोष जताया। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर आरक्षण नीति में पारदर्शिता और समानता की मांग की। कहा कि प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही पुरोला विकासखंड में आरक्षण में अंतिम समय में बदलाव करना सरकार की नियत बन चुकी है। उन्होंने जल्द ही मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सीएम को प्रेषित ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष का पद पूर्व में सामान्य महिला के लिए आरक्षित था, लेकिन अंतिम दावों में इसे बदलकर अनुसूचित जाति के लिए कर दिया गया।जिला पंचायत हुडोली वार्ड पहले अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था। जिसे अंतिम क्षणों में बदलकर अनुसूचित जाति (महिला) कर दिया गया। कहा कि पुरोला विधायक पद कई दशकों से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, नगर पालिका अध्यक्ष का पद भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। अब ब्लॉक प्रमुख पद को भी अनुसूचित जाति महिला कर दिया गया है।
कहा कि आरक्षण में इस तरह के लगातार बदलाव से वे बेहद आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा कि यदि उक्त आरक्षण को यथावत रखा जाता है, तो पुरोला विकासखंड के अंतर्गत पंचायतों के सभी पदों को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया जाए। ऐसा करके सामान्य वर्ग के लोगों को केवल मतदाता के रूप में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने जल्द ही मांग का निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर बलदेव रावत, राजेंद्र रावत, प्रताप रावत, केंद्र सिंह रावत, दिनेश चौहान, सोवेंद्र पंवार, बद्री प्रसाद, किशन सिंह, बहत्तर सिंह, किसन सिंह मौजूद रहे।