डुंडा, रनाड़ी और अस्तल गांव की करीब 36 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करने के लिए नलकूप खंड देहरादून की ओर से बनाई गई लिफ्ट सिंचाई योजना देखरेख के अभाव एवं कर्मचारियों की मनमानी के कारण दम तोड़ती नजर आ रही है। सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से खेत बंजर हो रहे हैं और खेतीबाड़ी पर टिकी आजीविका चौपट होने से किसानों में रोष है।
डुंडा ब्लाक के रनाड़ी, अस्तल और डुंडा गांव के लिए नलकूप खंड ने वर्ष 2006 में डुंडा और रनाड़ी में दो लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का निर्माण किया था। योजनाओं से तीनों गांवों की करीब 36 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होनी थी।
शुरूआत में योजना का लाभ मिलने पर किसानों ने अपने खेतों में धान और गेहूं के साथ ही टमाटर, मटर आदि नकदी फसलों का उत्पादन शुरू किया था। देखरेख के अभाव में अब हाल यह है कि डुंडा लिफ्ट सिंचाई योजना बीते छह माह से खराब पड़ी है। रनाड़ी वाली योजना चालू तो है, लेकिन यहां तैनात कर्मचारियों की मनमानी के चलते रनाड़ी गांव में खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
डुंडा गांव के किसान राजेश भट्ट, रणवीर कुंवर, लाल सिंह, वीरेंद्र, दिग्पाल सिंह आदि ने बताया कि छह माह से ठप पड़ी योजना को चालू कराने की कई बार मांग की गई है, लेकिन समस्या जस की तस बनी है।
पहले मौसम की बेरुखी और अब लिफ्ट सिंचाई योजना से भी पानी नहीं मिलने के कारण खेत बंजर पड़े हैं, जबकि सिंचाई के लिए पानी मुहैया कराए बिना ही विभाग किसानों को बिल थमा रहा है।
डुंडा गांव की लिफ्ट सिंचाई योजना की विद्युत लाइन गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसे दुरुस्त करा लिया गया है। फिलहाल योजना की दो मशीनें खराब पड़ी हैं। इनकी मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है। रनाड़ी गांव की लिफ्ट सिंचाई योजना पर तैनात कर्मचारियों को समय पर योजना पर पानी चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
-नवज्योति भट्ट, अवर अभियंता, नलकूप खंड देहरादून।