कृषि निदेशक गौरीशंकर ने रवाईं घाटी में कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निदेशक ने 90 फीसदी अनुदान पर आवंटित कृषि यंत्रों में राज्य सेक्टर से मिलने वाला 40 प्रतिशत अनुदान शीघ्र मुहैया कराने की बात कही।
शनिवार को रवाईं घाटी पहुंचे कृषि निदेशक ने नौगांव, पुरोला और मोरी ब्लाक में कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं तथा बीज भंडारों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि एकीकृत जल संभरण योजना में डंडाल गांव में सिंचाई टैंक, मछली पालन, मुर्गी पालन, फल पौध रोपण, जैविक खेती हेतु बर्मी कंपोस्ट, मोरी ब्लाक के ननाई में सुरक्षा दीवार लगाकर 20 हेक्टेयर कृषि भूमि का संरक्षण किया गया।
पुरोला के स्यालुका में 322 मीटर घेरबाड़, गुंदियाटगांव में एकीकृत राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सिंचाई टैंक का निर्माण किया गया। विभाग की ओर से नौगांव में 42 हेक्टेयर जमीन पर 130 किसानों के साथ बीएल-616 प्रजाति के गेहूं बीज प्रदर्शन से अच्छी फसल उत्पादन की जानकारी दी गई। इस मौके पर संयुक्त कृषि निदेशक जैविक डा. एके वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी महिधर तोमर, सूरजमणि सती, आर प्रसाद, आशाराम वर्मा आदि मौजूद रहे।