नोटबंदी और बैंक से शादी के लिए सिर्फ ढाई लाख रुपये निकालने की घोषणा से संघाई चीन से अपने गांव आए विक्रम सिंह की धूमधाम से शादी की हसरत पूरी नहीं हो पाई लेकिन उन्होंने एक नई पहल की शुरुआत की। विक्रम ने उत्तरकाशी विश्वनाथ मंदिर में ही सात फेरे लिए और खाली जमीन समेत मंदिर में कुल 115 फलदार पौधे रोपे। उन्होंने पौधे रोपकर विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा का संकल्प भी लिया।
हुल्डियाण गांव के विक्रम सिंह बिष्ट संघाई चीन में योगा के टीचर हैं। वह तीन साल से संघाई में ही रहता है। माता-पिता ने उनकी गांव में शादी तय करके गांव बुलाया। विदेेशी मुद्रा तो उन्होंने पहले ही खाते में जमा करा दी थी लेकिन शादी के लिए ढाई लाख की रकम भी बैंक से नहीं निकल पाई। इसके बाद रविवार को युवक विक्रम ने अपनी जीवनसंगनी संग गांव स्थित सती माता मंदिर के पास खाली पड़ी जमीन पर 111 फलदार पौधे रोपे। इसके बाद विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विक्रम सिंह और रजनी ने मंदिर में ही विवाह किया। सात फेरे लेने के लिए वे उत्तरकाशी के विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां विवाह के बाद नव दंपति ने दो वृक्ष मंदिर प्रांगण में रोपे और दो श्याम स्मृति वन में। विक्रम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल का स्वागत किया है। नव दंपति को आशीर्वाद देने संसदीय सचिव विधायक विजयपाल सिंह सजवाण भी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने नव दंपति की इस पहल की जमकर सराहना की। इस मौके पर मैती पक्ष की ओर से वर पक्ष को एक पौधा भी भेंट किया गया।