केदारनाथ पुनर्निर्माण और नंदा देवी राजजात के सफल संचालन के बाद अब नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने दयारा को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
रविवार को निम के प्रधानाचार्य ने बार्सू, दयारा और रैथल का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। केदारनाथ पुनर्निर्माण के व्यस्त कार्यों से समय निकालकर निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल रविवार को दयारा पहुंचे।
उन्होंने स्कीइंग के लिहाज से दयारा के साथ ही भरनाला और गोई के प्राकृतिक ढालों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दयारा में स्कीइंग के अलावा ट्रेकिंग, हिमालय रेंज के दर्शन, बर्ड वाचिंग, स्टार गेजिंग तथा प्रकृति के अध्ययन आदि की अपार संभावनाओं के बावजूद अभी तक क्षेत्र का अपेक्षित पर्यटन विकास नहीं होने पर हैरानी जताई।
इससे पहले कर्नल कोठियाल की पहल पर विंटर गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव रोशन लाल ठाकुर इसी साल जनवरी में दयारा पहुंचकर प्राकृतिक ढालों के अंतरराष्ट्रीय मानकों की पड़ताल कर चुके हैं। दयारा के ढालों को अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग फैडरेशन से मान्यता दिलाने की तैयारी चल रही है।
सूत्रों की मानें तो जल्द ही दयारा में पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑल टेरेन व्हीकल (एटीवी) पहुंचाने तथा स्कीयर्स के लिए मोबाइल स्की लिफ्ट लगाने की योजना है।
कोठियाल ने कहा कि ऐसी योजना तैयार की जाएगी, जिससे पर्यटन का अपेक्षित विकास हो तथा स्थानीय लोगों को भी फायदा मिले। रेकी करने के बाद जल्द इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
कर्नल कोठियाल से है उम्मीद
उत्तरकाशी। बार्सू गांव निवासी पर्यटन व्यवसायी रवि रावत, नवीन रावत, रैथल गांव के जयराज सिंह ने कहा कि कर्नल कोठियाल ने जिस तरह केदारनाथ एवं नंदादेवी राजजात में कार्य कराया है। इससे उम्मीद है कि उनके प्रयास से दयारा के दिन भी बहुरेंगे।