गंगोत्री व यमुनोत्री धाम सहित शीतकालीन पड़ाव स्थलों में चारधाम देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। इस अवसर पर तीर्थपुरोहितों ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड काला कानून है, जिसके वापस नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
गंगोत्री धाम के शीतकालीन मंदिर मुखबा में तीर्थपुरोहित हरीश नौटियाल ने देवस्थानम बोर्ड को सनातन हिंदू धर्म के खिलाफ बताया। वहीं यमुनोत्री धाम में तीर्थपुरोहितों ने चारधामों के लाइव प्रसारण के फैसले का विरोध किया। कहा कि गर्भ गृह की फोटो लेना वर्जित है। गंगोत्री धाम में धरना देने वालों में संजीव सेमवाल, दीपक सेमवाल, हरीश सेमवाल, सत्येंद्र सेमवाल, अरुण सेमवाल, अंबरीश सेमवाल, रमाकांत सेमवाल, जगतराम सेमवाल, ज्योतिशरण सेमवाल, सुनील सेमवाल, कामेश्वर, कृष्ण कांत, राकेश सेमवाल तथा मां यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरसाली में लखन उनियाल, विपिन उनियाल, घनश्याम उनियाल, अनिल, उपकार, श्यामसुंदर, प्रदीप, चिरंजीव प्रसाद, अनोद, दिवाकर आदि शामिल रहे।