कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जहां लॉकडाउन सबसे बड़ा हथियार है, वहीं लॉकडाउन की वजह से एक मां को सात साल से लापता अपना बेटा मिल गया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक युवक लॉकडाउन में भी घूम रहा था। पूछताछ में उसने अपना नाम पता बताया। राजस्थान पुलिस ने बड़कोट पुलिस को युवक की जानकारी दी। पुलिस के जवान युवक को लेने के लिए राजस्थान रवाना हो गई है।
नौगांव प्रखंड के घंडाला गांव की सोना (63) का सात साल पहले 17 वर्षीय इकलौता बेटा दयाल सिंह लापता हो गया था। सोना की चार बेटियां और एक बेटा है। 12 साल पहले उनके पति की भी मृत्यु हो गई थी। तीन बेटियों की शादी हो गई है। अब वह अपनी सबसे छोटी बेटी के साथ ही रहती है। विवाहित बेटियों व उनके ससुरालियों की मदद से सोना देवी खेतीबाड़ी कर जीवन यापन कर रही है।
घंडाला गांव के प्रधान राजेंद्र, सोना देवी की बेटी अमीनी देवी और दामाद विरेंद्र सिंह बताते हैं कि दयाल सिंह को ढूंढने की काफी कोशिश की थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया था। परिजन अब युवक के मिलने के आस खो ही चुके थे, लेकिन अचानक पुलिस द्वारा लापता दयाल सिंह के मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी की लहर है। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन में सब कुछ बंद होने पर राजस्थान पुलिस को दयाल सिंह श्रीगंगानगर में मिला और पूछताछ में उसने अपने घर गांव की जानकारी पुलिस को दी, जिससे अब उसकी घर वापसी सुनिश्चित हो गई है।
थानाध्यक्ष बड़कोट डीएस कोहली ने बताया कि श्रीगंगानगर राजस्थान की पुलिस ने उन्हें क्षेत्र के युवक दयाल सिंह के वहां मिलने की सूचना दी थी। पड़ताल करने पर पता चला कि युवक क्षेत्र के घंडाला गांव का है और सात साल से लापता है। परिजनों को इसकी सूचना देने के साथ ही युवक को वहां लाने के लिए दो पुलिस कर्मी राजस्थान भेजे गए हैं।