नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुुराचार करने वाले ट्रक ड्राइवर को विशेष सत्र न्यायालय ने सात साल का सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
21 मई 2015 को एक गांव की किशोरी सामान खरीदने बाजार गई थी, लेकिन वह घर नहीं लौटी।
22 मई को किशोरी के पिता की तहरीर पर थाना कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके कुछ ही दिन बाद पुलिस ने रामलीला मैदान से किशोरी को बरामदकर चालक को गिरफ्तार किया था।
किशोरी ने पूछताछ में बताया कि ट्रक चालक ने उसे बाजार जाते हुए ट्रक में बैठाया और उसे बाजार में उतारने के बजाय उत्तरकाशी ले गया, जहां होटल के कमरे में उसने उसके साथ दुराचार किया। उसने किशोरी को जान से मारने की धमकी भी दी।
बृहस्पतिवार को शासकीय अधिवक्ता गंभीर सिंह चौहान ने मामले की पैरवी करते हुए 15 गवाह व अन्य साक्ष्य पेश किए, जिस पर विशेष सत्र न्यायालय ने ट्रक चालक गिरीश कठैत निवासी बांस काटल, पट्टी दोगी, थाना मुनिकीरेती जनपद टिहरी गढ़वाल को धारा 3/4 व लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत सात साल सश्रम कारावास व पांच हजार अर्थदंड और धारा 363 के तहत सात साल सश्रम कारावास व पांच हजार अर्थदंड लगाया। आरोपी चालक मई 2015 से जेल में है। दोनों ही धाराओं में सुनाई गई सजा आरोपी एक साथ काटेगा।