यमुनोत्री हाईवे पर बड़कोट दोबाटा से राड़ी टॉप के बीच चल रहे सड़क सुधारीकरण की घटिया गुणवत्ता सामने आने लगी है। काम पूरा होने से पहले ही हाईवे पर हुए नए निर्माण ढहने से यातायात जोखिम भरा हो गया है। करोड़ों रुपये लागत से हुए कार्य चंद दिनों में ही ढह जाने से विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से बड़कोट दोबाटा से राड़ी टॉप के बीच 11 करोड़ की लागत से सुधारीकरण कार्य कराया जा रहा है। इसमें बाहर की ओर दीवारें तैयार कर सड़क को चौड़ा किया जाना था, जबकि सड़क के अधिकांश हिस्से में पहाड़ से लगी पुरानी दीवारों को तोड़कर नई दीवारों और नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। शुरूआत से ही इस तरह की गड़बड़ियां सामने आने पर भी विभागीय अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई नहीं की।
क्षेत्र के प्रेम सिंह, राजेंद्र सिंह, आमेंद्र का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों की ओर से बेहद घटिया गुणवत्ता के कार्य कराए गए हैं। उन्होंने सरकार से यमुनोत्री हाईवे पर कराए गए करोड़ों रुपये लागत के कार्यों की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
यमुनोत्री हाईवे पर ठेकेदार की ओर से पुरानी दीवारें उखाड़ कर नई बनाने की शिकायत मिली थी। इस पर ठेकेदार को कड़ी हिदायत दी गई थी। कार्य की गुणवत्ता को दिखवाया जाएगा। पुराने कार्यों पर लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नवनीत पांडे, ईई, राजमार्ग निर्माण खंड।