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भागीरथी का जलस्तर कम होने से गंगोत्री में सामान्य हुए हालात

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गंगोत्री में भागीरथी के उफान में आए मलबे से कुछ इस तरह ऊंचा हुआ नदी तल। - फोटो : Amar Ujala
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गंगोत्री गोमुख क्षेत्र में रविवार सुबह बारिश का सिलसिला थमने के साथ गंगा भागीरथी का जल स्तर सामान्य हो गया। नदी के उफान से गंगोत्री धाम में स्नान घाट आदि निर्माण क्षतिग्रस्त हो गए। गंगा पुरोहित सभा के रिकार्ड रूम में पानी घुसने से भी काफी नुकसान हुआ।
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अब बाढ़ का खतरा टलने से तीर्थ पुरोहितों और गंगोत्री वासियों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन नदी का पानी उतरने के बाद भी यहां भारी मलबा जमा होने से ऊंचा हुआ नदी तल भविष्य में बाढ़ के खतरे की ओर इशारा कर रहा है। दो दिनों तक गंगोत्री धाम में बारिश से उफनाई गंगा भागीरथी के रौद्र रूप ने यहां कोहराम मचा दिया। गंगोत्री धाम के स्नान घाट और यहां रोशनी के लिए लगी लाइटें नदी के उफान से तबाह हो गई।

नदी का पानी भगीरथ शिला से होते हुए गंगा पुरोहित सभा के रिकार्ड रूम में जा घुसा, जिससे यहां प्राचीन दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा। भागीरथी के बाएं छोर पर पायलट बाबा की कुटिया एवं देवेंद्र सेमवाल का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। विद्युत आपूर्ति ठप होने से अंधेरे से डूबे गंगोत्री धाम में शनिवार की रात लोगों ने राम नाम जपते हुए गुजारी। रविवार सुबह नदी का जलस्तर सामान्य होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल, पूर्व अध्यक्ष संजीव सेमवाल, राजेश सेमवाल, गंगोत्री नगर पंचायत के उपाध्यक्ष पवन सेमवाल, गंगा पुरोहित सभा के सचिव सुमेश सेमवाल, महेश सेमवाल आदि तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि नदी का पानी जरूर उतर गया, लेकिन यहां भारी मलबा जमा होने से नदी तल ऊंचा हो गया है। यदि शीघ्र इस मलबे को हटाकर नदी को चैनलाइज नहीं किया गया तो भागीरथी में फिर उफान आने पर तटवर्ती हिस्सों में तबाही का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से गंगोत्री धाम में शीघ्र सुरक्षा के ठोस उपाय करने की मांग की है।

सुरक्षित निकाले गए कांवड़ यात्री
उत्तरकाशी। गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि शुक्रवार की रात को देवगाड और चीड़वासा गदेरे में उफान आने से इन गदेरों पर बनी दो पुलिया बह गई थीं, जिससे करीब पचास कांवड़ यात्री भोजवासा की ओर फंस गए थे। शनिवार देर शाम तक एसडीआरएफ एवं वन विभाग की टीम ने सभी कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित गंगोत्री पहुंचा दिया। गदेरों में बहाव कम होने से अब कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि बारिश को देखते हुए फिलहाल गंगोत्री धाम से गोमुख की ओर आवाजाही रोक दी गई है।
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