यमुनोत्री हाईवे बंद होने से जानकीचट्टी में फंसे सभी बड़े वाहनों को निकाल दिया गया है। शुक्रवार रात नेशनल हाईवे (एनएच) की टीम ने कड़ी मशक्क्त के बाद सड़क को बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार किया। सबसे पहले धाम की ओर फंसे वाहनों को निकाला गया। हालांकि यहां बड़े वाहनों की आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। हाईवे की मरम्मत होने तक प्रशासन ने यहां बड़े वाहनों (बसों) की आवाजाही पर रोक लगाई है।
एसडीएम बड़कोट शालिनी नेगी ने बताया कि धाम की ओर फंसे सभी बड़े वाहनों को निकाला दिया गया है। बताया कि हाईवे की मरम्मत होने तक बड़े वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। उधर, शनिवार सुबह यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने बाइक से पहुंचकर हाईवे का निरीक्षण किया।
तीर्थयात्रियों ने की सरकार के खिलाफ नारेबाजी
शनिवार सुबह जानकीचट्टी में फंसे यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया था। उन्होंने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यात्रियों ने चारधाम यात्रा व्यवस्था के खिलाफ भी आक्रोश जताया। कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है कि आखिर हाईवे कब खुलेगा। उन्होंने वाहन चालकों पर भी मनमाना किराया वसूलने का आरोप लगाया।
शटल सेवा के दावों की खुली पोल
जिला प्रशासन ने स्यानाचट्टी और रानाचट्टी के बीच यात्रियों के लिए शटल वाहन सेवा शुरू करने की बात कही थी। लेकिन शनिवार को प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। यहां कई यात्री टैक्सी के अभाव में ट्रैक्टर व ट्रॉली में बैठकर जाते नजर जाए।
गंगोत्री के पड़ावों पर कम रही भीड़
चारधाम में पहले यमुनोत्री धाम के दर्शनों की मान्यता है। यमुनोत्री के दर्शन के बाद ही यात्री गंगोत्री की ओर बढ़ते हैं। यमुनोत्री हाईवे बंद होने और यात्रियों के जगह-जगह फंसने से गंगोत्री धाम के पड़ाव उत्तराकाशी, गंगोरी, मनेरी आदि में पिछले कुछ दिनों से कम यात्री पहुंचे।