सिविल सेवा परीक्षा में सफल रहे चिन्यालीसौड़ के नरेंद्र भंडारी अपने परिजनों के बीच।
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पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर चिन्यालीसौड़ के खालसी गांव निवासी नरेंद्र भंडारी ने जिले का नाम रोशन किया है। नरेंद्र की इस कामयाबी से खालसी गांव के लोग खुश हैं। खालसी गांव निवासी उत्तम सिंह भंडारी के बड़े बेटे नरेंद्र ने कक्षा एक से लेकर तीन तक की पढ़ाई गांव में स्थिति शिशु मंदिर में ही की।
पिता के आर्मी में होने पर बाद में यह परिवार देहरादून शिफ्ट हो गया था। उसके बाद आगे की पढ़ाई नरेंद्र ने देहरादून से की। इंटर में टॉपर रहने के बाद उसका चयन ट्रिपल आईटी के लिए हुआ। 2013 में इलाहाबाद से बीटेक पासआउट होने के बाद नरेंद्र ने एक साल तक दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी की।
नरेंद्र ने बताया कि इंजीनियर की पढ़ाई के दौरान उसके सीनियरों ने उसे सिविल सेवा परीक्षा का सुझाव दिया था। दोस्तों के सुझाव पर अमल करते हुए उन्होंने प्राइवेट कंपनी में नौकरी छोड़कर दो साल तक दिल्ली में कोचिंग ली और पहले ही प्रयासों में सिविल सेवा परीक्षा में 228वीं रैंक हासिल की।
नरेंद्र के पिता उत्तम सिंह भंडारी 2006 में सेना से नायक सूबेदार पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सेल टैक्स में संविदा पर कार्यरत हैं। मां नागी देवी गृहणी है। छोटा भाई विकास भंडारी बीए की पढ़ाई कर रहा है। नरेंद्र ने बताया कि फुटबाल में उनकी बेहद रुचि रही है। पढ़ाई के दौरान वे स्कूल से फुटबाल में टीम कैप्टन थे।