पालिका प्रशासन की ओर से नगर के मध्य जियोग्रिड वॉल के पीछे की गई कचरा डंपिंग व्यवस्था के खिलाफ व्यापारी लामबंद हो गए हैं।
व्यापारियों ने नगर के मध्य कचरा डंप किए जाने से हो रही दिक्कतों को देखते हुए नौ जनवरी के बाद यहां कचरा नहीं उड़ेलने का ऐलान किया है।
नगर के 12 वर्ष से चली आ रही कचरा निस्तारण की व्यवस्था पालिका ने बीते मई में जनविरोध के चलते समेट ली थी। इसके बाद कचरा निस्तारण के लिए स्थान का चयन नहीं होने के कारण पालिका ने जुलाई से नगर के मध्य बस अड्डा के पास जियोग्रिड वॉल के पीछे ही कचरा डंप करना शुरू कर दिया।
यह व्यवस्था अभी तक चली आ रही है। नगर के मध्य कूड़ा जमा किए जाने से यहां दुर्गंध तथा मक्खी-मच्छर बढ़ने से बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
बस अड्डा क्षेत्र में तो दुर्गंध के कारण रहना भी मुश्किल हो रहा है। इस अव्यवस्था से खिन्न व्यापारियों ने सोमवार को एडीएम से मुलाकात की।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुभाष बडोनी एवं नगर अध्यक्ष राजेंद्र पंवार ने कचरा निस्तारण के ठोस इंतजाम नहीं होने से नगर की जनता एवं व्यापारियों को हो रही दिक्कतों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि जियोग्रिड वॉल के पीछे कचरा डंप करने की व्यवस्था सिर्फ तीन से छह माह के लिए की गई थी। छह माह होने को है, लेकिन अभी तक पालिका प्रशासन कचरा निस्तारण के लिए जगह नहीं तलाश पाया है।
व्यापारियों ने नौ जनवरी के बाद से किसी भी हाल में जियोग्रिड वॉल के पीछे कचरा नहीं उड़ेलने देने की चेतावनी दी। प्रतिनिधिमंडल में सोबेंद्र कलूड़ा, देवेंद्र बत्रा, मदन पाल, तस्दीक खान, हरि लाल रवि आदि शामिल थे।
कोट...
जियोग्रिड वॉल के पीछे कचरा उड़ेलने के पक्ष में पालिका भी नहीं है। कचरा निस्तारण के लिए जगह तलाशने में दिक्कत आ रही है। मंगलवार को इस संबंध में बैठक बुलाई गई है। जल्द ही स्थल चयन कर कचरा निस्तारण की ठोस व्यवस्था कर ली जाएगी।
जयेंद्री राणा, अध्यक्ष पालिका उत्तरकाशी।