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पूर्व में घोषित चार जिलों को अस्तित्व में लाने की मांग को लेकर शुरू की जन चेतना यात्रा

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पूर्व में घोषित चार जिलों को अस्तित्व में लाने की मांग को लेकर संयुक्त घोषित जनपद संघर्ष समिति द्वारा मंगलवार को जन चेतना यात्रा आरंभ की गई। खरसाली गांव से आरंभ की गई यात्रा के पहले दिन समिति के सदस्यों ने विशेष पूजा अर्चना कर अभियान को सफल बनाने की कामना की। साथ ही सरकार से वर्ष 2011 में घोषित जिलों यमुनोत्री, कोटद्वार, रानीखेत व डीडीहाट को अस्तित्व में लाने की मांग की। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र जनांदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
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मंगलवार को खरसाली गांव में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त घोषित जनपद संघर्ष समिति ने पूर्व में घोषित चार जिलों को अस्तित्व में लाने के लिए जन चेतना यात्रा आरंभ की। इस दौरान समिति के अध्यक्ष अव्वल चंद कुमाईं ने कहा कि 15 अगस्त 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने यमुनोत्री, कोटद्वार, रानीखेत व डीडीहाट को जिला बनाने की घोषणा की थी, जिससे इन क्षेत्रों की जनता के मन में विकास की उम्मीद जगी थी। लेकिन आठ साल गुजर जाने के बावजूद घोषणा को धरातल पर नहीं उतारा गया।
जनता की इन्हीं भावनाओं को लेकर समिति ने 12 से 18 नवंबर तक जन चेतना यात्रा आरंभ की है। इसके तहत यमुनोत्री, कोटद्वार व रानीखेत होते हुए 17 तारीख को यात्रा डीडीहाट पहुंचेगी। इस बीच विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को एकजुट किया जाएगा। वहीं चारों जिलों का भ्रमण करने के बाद 18 तारीख को यात्रा देहरादून पहुंचेगी। जहां मुख्यमंत्री को जन भावनाओं से अवगत कराते हुए चारों जिलों को अस्तित्व में लाने की मांग की जाएगी। इस मौके पर अनीष उनियाल, रणवीर राणा, विशालमणी रतूड़ी, रामानंद डबराल, भरत सिंह चौहान, गुलाब सिंह जयाड़ा, नरोत्तम रतूड़ी, फकीर लाल, बलबीर, शूरवीर सिंह राणा, सुरेंद्र पुजारी, सुरपाल सिंह चौहान, मोहन दास आदि मौजूद रहे।
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