मुख्यमंत्री के आदेश पर आईटीआई के प्रधानाचार्य पर लगे आरोपों की जांच को एसडीएम मुक्ता मिश्रा ने आईटीआई पहुंचकर संबंधित अभिलेख खंगाले। उन्होंने निर्माण संबंधी मामलों की तकनीकी जांच सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को सौंपी है।
आईटीआई के प्रधानाचार्य पर उपनल के माध्यम से हुई भर्तियों में धांधली के साथ ही निर्माण एवं फर्नीचर खरीद आदि कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं।
कांग्रेस नेता देवेंद्र सिंह राणा और मनवीर रावत का आरोप है कि मोरी आईटीआई में नियमों को ताक पर रखकर कनिष्ठ लिपिक की नियुक्ति की गई। बनचौरा आईटीआई सितंबर 2015 में शुरू हुआ, जबकि यहां फरवरी में ही कर्मचारी नियुक्त कर दिए गए।
आईटीआई बड़कोट में मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत 3.82 लाख रुपये का बजट लीपापोती कर ठिकाने लगाया गया। करीब पांच लाख रुपये लागत से हुई फर्नीचर खरीद में भी गड़बड़ी की गई।
उन्होंने बीते 18 दिसंबर को क्षेत्र के दौरे पर आए मुख्यमंत्री हरीश रावत को अवगत कराते हुए मामले की जांच की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए थे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर विगत दिवस एसडीएम मुक्ता मिश्रा ने आईटीआई पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। उन्होंने अभिलेख खंगालने के साथ ही आईटीआई के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। उन्होंने बताया कि निर्माण संबंधी कार्यों की तकनीकी जांच सिंचाई विभाग के एई पीएस रावत को सौंपी गई है।