उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में पहुंचने वाले यात्रियों के वाहनों से पार्किंग शुल्क के नाम पर दोगुनी धनराशि ली जा रही है। साथ ही वहां पर गंगोत्री हाईवे पर वाहन खड़े करने पर भी पार्किंग का शुल्क लिया जा रहा है। वाहन संघ से जुड़े लोगों का कहना है कि पार्किंग शुल्क की जो पर्ची दी जा रही है। उस पर किसी भी विभाग का नाम अंकित भी नहीं किया गया है। साथ ही कहीं पर भी शुल्क दरों की जानकारी नहीं दी गई है।
गंगोत्री धाम में पार्किंग के नाम पर की जा रही अवैध वसूली का मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने भी कार्रवाई की चेतावनी दी। लेकिन उसके बाद भी प्रशासन और नगर पंचायत की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थानीय निवासी पुष्कर सिंह चौहान ने कहा कि गंगोत्री पार्किंग में करीब दो सौ वाहन ही खड़े हो सकते हैं। उसके अलावा सभी वाहन गंगोत्री हाईवे के किनारे भी खड़े होते हैं। वहां पर छोटे चोपहिया वाहनों से सौ और बड़े वाहनों बस, टेंपो ट्रेवल्स आदि पर दो सौ पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। जबकि प्रशासन की ओर से छोटे वाहनों का पचास और बड़े वाहनों को सौ रूपए पार्किंग शुल्क रखा गया है। उसके बावजूद भी वहां पर नियमों का उल्लघंन कर वाहन चालकों से दोगुना शुल्क लिया जा रहा है। साथ ही पार्किंग के नियमोें के अनुसार वाहन खड़ा करने के लिए छह से 12 घंटे की अवधि होती है। लेकिन शुल्क रशीद पर मात्र चार घंटे ही लिखा गया है। साथ ही कहीं पर भी शुल्क दरों की जानकारी नहीं लिखी गई है। इस सब के बावजूद भी वहां पर प्रशासन और नगर पंचायत गंगोत्री की ओर से कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे चारधाम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। नगर पंचायत गंगोत्री के अधिशासी अधिकारी जयानंद सेमवाल ने बताया कि पार्किंग शुल्क दोगुनी वसूली की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। अगर वह उसके बाद भी नियमों का उल्लघंन करता है। तो पार्किंग निविदा को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।