अतिथि शिक्षकों ने उनके हित में लिए गए कैबिनेट के निर्णयों पर शासनादेश जारी किए जाने की मांग की है। बीते चार जुलाई को कैबिनेट ने अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाए जाने के साथ ही उनकी तैनाती वाले पदों को रिक्त न माने जाने सहित कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके पदों को सुरक्षित रखे जाने संबंधी शासनादेश जारी नहीं किया गया, तो एक सितंबर से उग्र आंदोलन किया जाएगा।
संगठन के अध्यक्ष संजय मोहन नौटियाल ने कहा कि सरकार ने बीते चार जुलाई को कैबिनेट में अतिथि शिक्षकों के हित के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे, लेकिन आज तक उन निर्णयों पर शासनादेश जारी नहीं हुआ है। जिससे उत्कृष्ट विद्यालयों से करीब 250 अतिथि शिक्षक प्रभावित हो चुके हैं।