यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण का मलबा मानकों को ताक पर रखकर गाड-गदेरों में उड़ेला जा रहा है। कृष्णा खड्ड में डंप किया गया मलबा नवनिर्मित मोटर पुल के साथ ही ग्रामीणों की कृषि भूमि के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। हाईवे पर सरकारी मानकों का उल्लंघन किए जाने से क्षेत्र की जनता में रोष है।
बड़कोट और नौगांव के बीच तीन साल से यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। विभागीय मिली भगत के चलते ठेकेदार सड़क का मलबा यमुना तथा गाड-गदेरों में डंप कर रहा है, जबकि अनुबंध में यह मलबा निर्धारित डंपिंग जोन में ही उड़ेलने का प्राविधान है।
कृष्णा खड्ड में नवनिर्मित मोटर पुल के पास मलबा डंप किया गया है, जिससे पुल के साथ ही निचले हिस्से में ग्रामीणों की कृषि भूमि पर भी खतरा मंडराने लगा है। बार-बार शिकायत करने पर भी मामले में कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।
गांव के अजयपाल राणा ने बताया कि कई बार ठेकेदार को गदेरे में मलबा नहीं उडलने के लिए चेताया गया, लेकिन फिर भी यहां मलबा डंप किया जा रहा है, जिससे मोटर पुल के साथ ही कृषि भूमि को भी खतरा पैदा हो गया है। राजमार्ग निर्माण खंड के ईई नवनीत पांडेय का कहना है कि गाड गदेरों में मलबा डंप करने की उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने इसकी पड़ताल कर कार्रवाई की बात कही।