आपदा का हौवा एक बार फिर चार धाम यात्रा पर भारी पड़ता दिख रहा है। मीडिया चैनलों के माध्यम से अतिशयोक्तिपूर्ण प्रचार के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा धीमी पड़ गई है। शुक्रवार को महज 2202 यात्री यमुनोत्री तथा 4970 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे।
नौ मई को यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद से जिस तरह का रुझान देखने को मिल रहा था, उससे उम्मीद थी कि इस बार फिर से यात्रा की आपदा के पहले वाली रौनक लौट आएगी। शुरूआत अच्छी रही और पहले बीस दिनों में ही यमुनोत्री और गंगोत्री धाम तक करीब ढाई लाख यात्री पहुंचे।
बीती 28 मई को जिले के कुछ हिस्सों में हुई अतिवृष्टि से खासा नुकसान हुआ, लेकिन यात्रा मार्ग और व्यवस्थाएं प्रभावित नहीं हुईं। इसके बावजूद मीडिया चैनलों द्वारा आपदा की भयावह तस्वीर पेश किए जाने का सीधा असर यात्रा पर पड़ने लगा है।
पिछले चार दिनों से गंगोत्री और यमुनोत्री पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष सतेंद्र सेमवाल आदि ने बताया कि यहां पहुंच रहे तीर्थयात्री भी मीडिया चैनलों पर हो रहे दुष्प्रचार और यहां खुशगवार मौसम के साथ यात्रा की आदर्श स्थितियों में जमीन आसमान का अंतर होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने सरकार से चार धाम यात्रा सुरक्षित होने का प्रचार करने की मांग की।
11314 तीर्थयात्रियों ने किए बदरी विशाल के दर्शन
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में शुक्रवार को शाम पांच बजे तक 11314 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। धाम में यात्रा शुरू होने के 22 दिनों में 2,73,595 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम में सुबह से चटख धूप रहने के बाद दोपहर में आसमान में बादल छा गए।
हालांकि देर शाम तक भी धाम में बारिश नहीं हुई है। वहीं हेमकुंड साहिब के लिये शुक्रवार के 2048 तीर्थयात्री गोविंदघाट से घांघरिया के लिये रवाना हुए। हेमकुंड साहिब में भी मौसम शाम तक सामान्य बना रहा।
7585 श्रद्धालु पहुंचे केदारनाथ
केदारनाथ। शुक्रवार को सुहावने मौसम के बीच केदारनाथ में 7585 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। तड़के पांच बजे से मंदिर में बाबा केदार के दर्शनों के लिए श्रद्धालु जुटने लगे थे। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम और तृतीय केदार श्रीतुंगनाथ में भी नियमित श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।