दो दिनों से जिले में बारिश का सिलसिला थमा होने के बावजूद गंगोत्री हाईवे समेत अन्य आंतरिक सड़कों पर यातायात बहाली में सफलता नहीं मिल पाई। शनिवार को गंगोत्री हाईवे डबराणी और चड़ेथी भटवाड़ी में अवरुद्ध हुआ। जिले में अब भी 33 आंतरिक सड़कों पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
जनपद में बृहस्पतिवार रात से बरसात का सिलसिला थमा हुआ है। गंगोत्री हाईवे शुक्रवार की शाम भूस्खलन के चलते डबराणी में अवरुद्ध हो गया था। शनिवार को डबराणी में तो बीआरओ ने यातायात बहाल कर लिया, लेकिन दोपहर में चड़ेथी भटवाड़ी में भारी भूस्खलन से हाईवे फिर जाम हो गया।
समाचार लिखे जाने तक बीआरओ यहां यातायात बहाली के प्रयास में जुटा है। शनिवार शाम से फिर बारिश शुरू होने से यातायात बहाली के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। जनपद में 33 आंतरिक सड़कों पर भी फिलहाल यातायात ठप पड़ा है। संबंधित विभाग सड़क खोलने के प्रयास में जुटे हैं।
चार घंटे बंद रहा मार्ग
कर्णप्रयाग। ग्वालदम मोटर मार्ग शनिवार को बगोली के पास चार घंटे तक बंद रहा। इस दौरान यहां दर्जनों वाहन फंसे रहे। सुबह सात बजे मोटर मार्ग पर बगोली के पास पहाड़ी से हुए भूस्खलन से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। जिससे यहां कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली, देवाल, ग्वालदम, सहित कुमाऊं और गढ़वाल को आने जाने वाले वाहन और मुसाफिर फंसे रहे। करीब 11 बजे यहां बीआरओ सड़क खोल पाया, जिसके बाद मोटर मार्ग पर यातायात जारी हो पाया।
वाहनों के लिए खुला हाईवे
जोशीमठ (चमोली)। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में शनिवार को पांचवें दिन वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया है। धाम में फंसे वाहनों को भी गंतव्यों के लिए रवाना कर दिया गया है। वहीं हाईवे सुचारु होने से शाम पांच बजे तक 934 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। बदरीनाथ हाईवे बीती सोमवार रात्रि को लामबगड़ क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से बाधित हो गया था। बीआरओ की ओर से हाईवे सुचारु करने का कार्य किया जा रहा था, लेकिन बार-बार हो रही बारिश के चलते यहां पहाड़ी से आ रहे मलबे और बोल्डरों के चलते हाईवे चार दिनों से बाधित पड़ा हुआ था। यहां पहाड़ी पर अटके बोल्डर और मलबे के चलते हाईवे खतरनाक बना हुआ है।
खाट गांव के समीप बदहाल सड़क
गुप्तकाशी। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे फाटा के समीप हादसों का सबब बना है। पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन व मंदाकिनी नदी के कटाव से हो रहे भू-धंसाव से सड़क बदहाल होकर रह गई है। पिछले दस दिन से यहां पर आए दिन घंटों यातायात बाधित हो रहा है। 76 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुधारीकरण के नाम पर आपदा के बाद से करोड़ों खर्च हो गए हैं। लेकिन स्थिति फिर भी जस की तस है। सेमी गांव के नीचे जहां सड़क करीब डेढ़ मीटर तक धंस गई है।
वहीं खाट गांव के नीेचे स्थिति दयनीय बनी हुई है। दो तरफा मिट्टी कटाव से कभी भी किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है। बाबजूद एनएच निर्माण खंड रुद्रप्रयाग द्वारा स्थायी ट्रीटमेंट के मशीन से मिट्टी खोदने का काम किया जा रहा है। उधर, सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच मुनकटिया और गौरीकुंड बड़ी पार्किंग में हो रहे भूस्खलन से स्थिति बदहाल बनी हुई है।