हेलगूगाड और गंगनानी में बृहस्पतिवार रात से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध रहने से समस्या गहराती जा रही है। गंगनानी से गंगोत्री की ओर साढ़े तीन सौ से अधिक छोटे-बड़े वाहनों में करीब दो हजार कांवड़ यात्री फंसे हुए हैं।
बता दें कि सड़क खुलने में देरी के चलते दिल्ली, गुड़गांव और मेरठ आदि स्थानों पर शिवालयों में जलाभिषेक की स्थिति न बनते देख कांवड़ यात्री बेचैन हैं।
गंगनानी के छोटे से बाजार में खाद्य सामग्री आदि न मिलने से कावंड़ियों को भूखे पेट रात गुजारनी पड़ रही है। बीआरओ एवं प्रशासन के लचर इंतजामों के चलते कांवड़ यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।
28 जुलाई को कावंड़िए उत्तरकाशी से 159 मोटरसाइकिल, 68 ट्रक-टैंपो और कुछ बस हल्के वाहनों में गंगाजल लेने गंगोत्री धाम गए थे। 27 जनवरी को भी कुछ कांवड़िए अपने वाहनों के साथ गंगोत्री में ही रुके हुए थे।
28 की शाम को हेलगूगाड में भारी भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध होने से ये लोग वाहनों समेत गंगोत्री की ओर फंस गए। 29 जुलाई की दोपहर में हेलगूगाड से करीब छह किमी गंगोत्री की ओर गंगनानी में भी भूस्खलन सक्रिय होने से यहां भी यातायात ठप हो गया। अब कुछ वाहन हेलगूगाड और गंगनानी के बीच गंगोत्री की ओर फंसे हुए हैं।
नाकाफी हैं सड़क खोलने के प्रयास
उत्तरकाशी। मेरठ से आए अंकित बंसल, अरुण, मनोज, अजय और गोपाल आदि कांवड़ यात्रियों का कहना है कि उन्हें 31 जुलाई की रात को अपने शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचना था।
यहां सड़क खोलने के प्रयास खानापूर्ति वाले अंदाज में चल रहे हैं। हुर्री की प्रधान राखी रावत का कहना है कि यातायात बहाली को लेकर बीआरओ एवं प्रशासन गंभीर नहीं है। ब्यूरो